२७ साल बाद दिल्ली को मुख्यमंत्री के रूप में Rekha Gupta मिलीं ।
दिल्ली परिणाम के बाद 11 दिन का सस्पेंस खत्म, बीजेपी ने सभी अटकलों को किया दरकिनार जिंद हरियाना कि बेटी Rekha Gupta बनी दिल्ली कि मुख्यमंत्री । कोण है रेखा गुप्ता ?
➡️ सियासी उलटफेर: रेखा गुप्ता बनीं दिल्ली की नई मुख्यमंत्री
दिल्ली विधानसभा का रिजल्ट हाल हि में सामने आया है और दिल्ली की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से पहली बार विधायक बनीं Rekha Gupta को दिल्ली का नया मुख्यमंत्री चुना है। हाँलाकी परवेश वर्मा और विजेंद्र गुप्ता जैसे दिग्गजों को सभी स्तरो से सीएम पद के लिए संभावित बताया जा रहा था, लेकिन बीजेपी ने अपने अंदाज में इन दोनों नेताओं को मुख्यमंत्री पद का प्रस्तावक बना दिया।
➡️ इतिहास ने दोहराई कहानी, 27 साल बाद फिर महिला सीएम
इस बार दिल्ली की राजनीति में दिलचस्प संयोग बना है। 1998 में जब बीजेपी सत्ता में थी, तब भी एक महिला मुख्यमंत्री थीं – सुषमा स्वराज। हालांकि, उसके बाद विधानसभा चुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन अब 27 साल बाद, बीजेपी ने फिर से दिल्ली की कमान एक महिला नेता को सौंप दी है।
➡️ बीजेपी ने क्यों चुनीं Rekha Gupta?
दिल्ली कि सिएम एक महिला को चुनना हाँलाकी बीजेपी के इस फैसले के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं जैसेकी
✅ महिला नेतृत्व को प्राथमिकता
इस बार बीजेपी ने केवल चार महिला विधायकों को टिकट दिया था जिनमे – नीलम पहलवान, रेखा गुप्ता, पूनम शर्मा और शिखा रॉय शामिल थे। सीएम के लिए पार्टी ने इनमें से सबसे अनुभवी चेहरे को चुना है ।
✅ जातीय समीकरण
रेखा गुप्ता जो की वैश्य समुदाय से आती हैं, जो दिल्ली में लगभग 7% आबादी वाला समाज बताया जाता है। बीजेपी को पारंपरिक रूप से सामान्य जनो मे ब्राह्मण-बनिया पार्टी कहा जाता रहा है, और वैश्य समाज बीजेपी का कोर वोटर रहा है।
✅ Rekha Gupta के नाम पर आरएसएस की सहमति
सूत्रों के मुताबिक, ऐसा कहाँ जा रहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने उनके नाम पर सहमति जताई थी, हालांकि यह फैसला पूरी तरह बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व का रहा एसाभी कहाँ जा रहा है ।
➡️ कौन हैं रेखा गुप्ता? उनकी राजनीतिक यात्रा पर एक नजर?
🟢 राजनीति की शुरुआत
रेखा गुप्ता का जन्म हरियाणा के जींद जिले में हुआ था, लेकिन उनका परिवार 1976 में दिल्ली आ गया। और उनकी पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी के दौलतराम कॉलेज से हुई।
🟢 छात्र जिवन मे राजनीति से मिली पहचान
1992 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़ीं और दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) की अध्यक्ष बनीं। उसके बाद उन्होंने कॉमन एडमिशन फॉर्म की शुरुआत कर लाखों छात्रों को फायदा पहुंचाया था।
🟢 रेखा गुप्ता कि बीजेपी में सक्रिय भूमिका
➤ 2003-04 में भाजपा युवा मोर्चा की दिल्ली इकाई की सचिव बनीं।
➤ 2004-06 में भाजपा युवा मोर्चा की राष्ट्रीय सचिव रहीं।
➤ 2007 में पहली बार पार्षद बनीं और इसके बाद महिलाओं-बच्चों के कल्याण के लिए “सुमेधा योजना” चलाई।
🟢Rekha Gupta का चुनावी सफर ?
🔹 2015 में पहली बार शालीमार बाग सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन वह उस बार हार गईं।
🔹 2020 में दोबारा इसी सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन हार का अंतर कम हुआ ।
🔹 2025 में आखिरकार जीत हासिल की और सीएम बन गईं ।
➡️ बीजेपी के लिए दिल्ली की रणनीति में बदलाव?
✅ महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाकर बीजेपी ने नई रणनीति अपनाई।
✅ जातीय समीकरण साधने के साथ-साथ RSS की विचारधारा को भी आगे रखा।
✅ 2025 के विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद बीजेपी ने एक नया चेहरा दिया।
➡️ आपकी राय?
रेखा गुप्ता के सीएम बनने पर आपकी क्या राय है? क्या यह फैसला दिल्ली की राजनीति में बदलाव ला पाएगा? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं!
🔴 (निष्कर्ष) दिल्ली में ‘रेखा राज’ की शुरुआत!
दिल्ली की सत्ता पर अब रेखा गुप्ता का राज शुरू हो चुका है। अब देखना होगा कि उनकी अगुवाई में बीजेपी दिल्ली में क्या नया कर पाती है।
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