Dr. Babasaheb Ambedkar जयंती निमित्त सुंदर, सोपे परंतू खनखनित भाषण कसे द्यावे!
Dr. Babasaheb Ambedkar जयंती निमित्त खनखनित भाषण कसे द्यावे! पैदा न होता वो मसीहा तो ये खुशियों का सिलसिला नही होता…, 2 बेरंग रहती ये जमीन और आसमा का रंग नीला नही होता, भारत तो कब का कंगाल हो जाता यारों…2 अगर इसे भीम जैसा हिरा मिला नही होता….2 डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती निमित्त मराठी…
